National Voters Day 20266: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लोकतंत्र और मताधिकार के महत्व पर दिया जोर

Sun 25-Jan-2026,10:20 PM IST +05:30

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National Voters Day 20266: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लोकतंत्र और मताधिकार के महत्व पर दिया जोर National Voters Day 2026
  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस समारोह को किया संबोधित.

  • रा भारत, मेरा वोट” थीम के साथ जागरूक मतदान पर जोर.

  • युवा मतदाताओं को बताया भारत के भविष्य का निर्माता.

Delhi / Delhi :

Delhi / भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने आज, 25 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस समारोह में भाग लिया और कार्यक्रम को संबोधित किया। अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने भारतीय लोकतंत्र की मजबूती, मतदाताओं की भूमिका और चुनावी प्रक्रिया में जनभागीदारी के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।

लोकतंत्र की शक्ति संख्या से नहीं, भावना से
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि भारत के लोकतंत्र की ताकत केवल मतदाताओं की विशाल संख्या में नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक भावना की गहराई में निहित है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि देश में सबसे बुजुर्ग मतदाता, दिव्यांग मतदाता और दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले नागरिक भी अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं, जो भारतीय लोकतंत्र की समावेशी प्रकृति को दर्शाता है।

उन्होंने जागरूक मतदाताओं और चुनाव आयोग के नेतृत्व में चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सभी अधिकारियों व कर्मियों की सराहना की, जिनके प्रयासों से मतदान को लेकर प्रेरणादायक उदाहरण सामने आए हैं।

“कोई भी मतदाता पीछे न छूटे”
राष्ट्रपति ने कहा कि जनभागीदारी लोकतंत्र को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाती है। उन्होंने उल्लेख किया कि भारत निर्वाचन आयोग ने यह सुनिश्चित करने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए हैं कि “कोई भी मतदाता पीछे न छूटे।” मतदाताओं में जागरूकता बढ़ाने के लिए देशभर में विभिन्न अभियान और कार्यक्रम चलाए गए हैं।

उन्होंने इस वर्ष राष्ट्रीय मतदाता दिवस की थीम —
“मेरा भारत, मेरा वोट: भारतीय लोकतंत्र के केंद्र में भारतीय नागरिक” — की सराहना करते हुए कहा कि यह विषय मतदान के अधिकार के महत्व और नागरिकों की केंद्रीय भूमिका को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

मतदान: अधिकार के साथ विश्वास का प्रतीक
अपने संबोधन में राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि मतदान केवल एक राजनीतिक अभिव्यक्ति नहीं है, बल्कि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया में नागरिकों के विश्वास का प्रतिबिंब है। मतदान नागरिकों को अपनी आकांक्षाओं, उम्मीदों और विचारों को व्यक्त करने का अवसर देता है।

उन्होंने कहा कि बिना किसी भेदभाव के सभी वयस्क नागरिकों को मिला मताधिकार, राजनीतिक और सामाजिक न्याय तथा समानता जैसे संवैधानिक आदर्शों को साकार करता है। “एक व्यक्ति, एक वोट” की व्यवस्था हमारे संविधान निर्माताओं के आम जनता की समझ और विवेक में गहरे विश्वास का परिणाम है, जिसे भारतीय मतदाताओं ने समय-समय पर सही साबित किया है।

जिम्मेदारी के साथ मतदान का आह्वान
राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि मतदान का अधिकार जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही आवश्यक है कि नागरिक संवैधानिक कर्तव्यों को ध्यान में रखते हुए इसका प्रयोग करें। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे प्रलोभन, अज्ञानता, गलत सूचना, दुष्प्रचार और पूर्वाग्रह से दूर रहकर अपनी अंतरात्मा की आवाज़ के आधार पर मतदान करें, ताकि चुनावी व्यवस्था और अधिक सशक्त बन सके।

युवा मतदाता हैं भारत के भविष्य के निर्माता
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देशभर के उन सभी नए युवा मतदाताओं को बधाई दी, जिन्हें मतदाता पहचान पत्र प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह पहचान पत्र उन्हें दुनिया के सबसे बड़े और सबसे जीवंत लोकतंत्र में सक्रिय भागीदारी का अमूल्य अधिकार देता है।

उन्होंने विश्वास जताया कि आज के युवा मतदाता जिम्मेदारी से अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे और राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे।

राष्ट्रीय मतदाता दिवस का उद्देश्य
गौरतलब है कि वर्ष 2011 से भारत निर्वाचन आयोग के स्थापना दिवस के अवसर पर हर साल 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य मतदाता की भूमिका को सम्मान देना, चुनावी जागरूकता बढ़ाना और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करना है।

राष्ट्रपति का यह संबोधन भारतीय लोकतंत्र की आत्मा — जागरूक, जिम्मेदार और सक्रिय मतदाता — को एक बार फिर केंद्र में लाता है।